Thursday, June 7, 2012

वर्षा ऋतू है आई

देखो देखो वर्षा ऋतू है आई 
देखो देखो काली घटा है छाई

बादल गरज रहे है 
बीजली कड़क रही है

हरियाली ही हरियाली है 
खुशिया ही खुशिया है
 
पकोड़े चाय पीने का मज़ा है 
पहली बारिश में न भीगना एक सज़ा है

पक्षी चहक रहे है 
मेंडक उछल  रहे है
मोर नाच रहे है 
लोग गा रहे है 

रंग बीरंगे छाते है रोड पर 
जगह जगह पानी है रास्तों  पर 

शेतानी है बच्चो में 
नयी उम्मीदे है किसानो में
कागज़ की कश्ती है पानी में
सोंधी खुशबु है समां में

देखो देखो वर्षा ऋतू है आई 
देखो देखो काली घटा है छाई