देखो देखो वर्षा ऋतू है आई
देखो देखो काली घटा है छाई
बादल गरज रहे है
बीजली कड़क रही है
हरियाली ही हरियाली है
पकोड़े चाय पीने का मज़ा है
पहली बारिश में न भीगना एक सज़ा है
पक्षी चहक रहे है
पक्षी चहक रहे है
मेंडक उछल रहे है
मोर नाच रहे है
लोग गा रहे है
रंग बीरंगे छाते है रोड पर
जगह जगह पानी है रास्तों पर
शेतानी है बच्चो में
नयी उम्मीदे है किसानो में
कागज़ की कश्ती है पानी में
सोंधी खुशबु है समां में
देखो देखो वर्षा ऋतू है आई
देखो देखो काली घटा है छाई